Thursday, December 6, 2018

राजस्थान और तेलंगाना में आज डाले जाएंगे वोट

राजस्थान में वसुंधरा राजे और तेलंगाना में केसीआर की सरकार की वापसी होगी या विदाई दोनों राज्य के लोगों को आज ये फ़ैसला करना है.

राजस्थान में जहां भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं. वहीं तेलंगाना में क्षेत्रीय दलों के बीच मुख्य मुक़ाबला माना जा रहा है.

जिन पांच राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनमें से छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और मिज़ोरम की आने वाली सरकारों का फ़ैसला ईवीएम में दर्ज़ हो चुका है.

प्रदेश में कुल 200 विधानसभा सीटे हैं, जिनमें से 199 सीटों पर मतदान शुक्रवार को होगा.
चुनाव आयोग ने अलवर ज़िले की रामगढ़ सीट पर बीएसपी उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया है.
सभी सीटों पर वोटिंग ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के जरिए होगी.
मतदान सुबह आठ बजे शुरू होगा और शाम पांच बजे तक चलेगा.
चुनाव के मद्देनजर राज्यभर में करीब 52 हजार पोलिंग बूथ बनाए गए हैं.
चुनावी मैदान में भाजपा और कांग्रेस सहित कुल 88 पार्टियां हैं.
इन पार्टियों के कुल 2274 उम्मीदवार अपना भाग्य इन चुनावों में आजमा रहे हैं.
चुनाव आयोग के मुताबिक रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या करीब 4.75 करोड़ है.
इनमें से करीब 2.47 करोड़ पुरुष वोटर हैं. महिला वोटरों की संख्या 2.27 करोड़ है.
इस चुनाव में करीब 20 लाख युवा मतदाता पहली बार वोट करेंगे. इनमें सबसे ज्यादा संख्या जयपुर के युवा मतदाताओं की है.

चुनाव से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
2013 में हुए विधानसभा चुनावों में करीब 75 फीसदी वोटरों ने मतदान किया था. राज्य में कुल 47,223 पोलिंग बूथ बनाए गए थे.
कुल 200 सीटों पर भाजपा ने कुल 163 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं कांग्रेस को महज 21 सीटे ही मिली थीं.
बसपा के तीन उम्मीदवारों में पिछले चुनावों में जीत का परचम लहराया था. वहीं सात स्वतंत्र उम्मीदवार विधानसभा पहुंचे थे.
2008 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 78, कांग्रेस को 96 और अन्य को 26 सीटें मिली थी.
पार्टियों के दावें और हकीकत
1998 के बाद से राजस्थान में कोई भी सरकार दूसरे कार्यकाल के लिए नहीं चुनी गई है.
भाजपा का दावा है कि ये इतिहास इस बार के चुनावों में बदल जाएगा और भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में आएगी.
वहीं कांग्रेस को यकीन है कि लोगों में सरकार के कामकाज के प्रति रोष है और उसे इसका फायदा मिलेगा और वो सत्ता पर काबिज़ होगी.
कांग्रेस ने किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया है. लेकिन ये समझा जा रहा है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो उनके सामने दो चेहरे होंगे- सचिन पायलट और अशोक गहलोत.

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