सोशल मीडिया पर दो महिला अफसरों के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत वायरल हो रही है। ये बातचीत विधानसभा चुनाव के दौरान हुई बताई जा रही है। इस चैट को शहडोल कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव और डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट बताया जा रहा है। इसमें अनुभा कांग्रेस को हराने और भाजपा को जिताने की बात कह रही हैं।
इस चैट के वायरल होने के बाद डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी ने शहडोल कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, 'इस चैट की जांच हो। क्योंकि, यह मुझे और कलेक्टर मैम को बदनाम करने की साजिश है। ये चैट कहां से वायरल हुई, मुझे कुछ नहीं पता।' इसमें डिप्टी कलेक्टर को भाजपा सरकार बनने पर एसडीएम का चार्ज देने की बात भी कही गई है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले पर कहा कि जो भी वायरल हो रहा है। वह अफसरों की कार्यशैली का हिस्सा नहीं है। मामले की जांच होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मैम दो सेक्टर में सिचुएशन कंट्रोल है, लेकिन जैतपुर की नहीं हो पा रही। कांग्रेस लीड बना रही है एंड उमा धुर्वे के समर्थक काफी हैं।
कलेक्टर: मुझे कांग्रेस क्लीन स्वीप चाहिए। मैं आरओ डेहरिया को फोन कर देती हूं। पूजा तुम्हे एसडीएम का चार्ज लेना है तो जैतपुर में बीजेपी को विन कराओ।
डिप्टी कलेक्टर: ओके मैम मैं मैनेज करती हूं, बट कोई इन्क्वायरी तो नहीं होगी।
कलेक्टर: मैं हूं। मेहनत कर रही हो तो भाजपा गवर्नमेंट बनते ही तुम्हे एसडीएम का चार्ज मिलेगा।
मोबाइल की भी हो रही जांच
डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी के मोबाइल की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता किया जा सके कि कहीं उनके मोबाइल और नंबर के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की है।
ऑनलाइन एजुकेशन स्टार्टअप कंपनी बाइजू (BYJU) ने यूएस बेस्ड फर्म ओस्मो को 850 करोड़ रुपए (12 करोड़ डॉलर) में खरीद लिया है। बाइजू ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ओस्मो खेल के दौरान बच्चों को सिखाने के सिस्टम तैयार करती है। यह डिजिटल के दौर में बच्चों को खिलौनों से जोड़ने पर फोकस करती है।
ओस्मो की टीम में बदलाव नहीं होगा
ओस्मो अलग ब्रांड बना रहेगा। बाइजू इसकी फिजिकल-टू-डिजिटल टेक्नोलॉजी और कंटेंट का इस्तेमाल करेगी। ओस्मो के सीईओ और को-फाउंडर प्रमोद शर्मा और उनकी टीम काम करती रहेगी।
बाइजू का कहना है कि ओस्मो को खरीदने से उसकी अंतरराष्ट्रीय योजना मजबूत होगी। वह बच्चों को सिखाने के ज्यादा बेहतर और रोचक तरीके उपलब्ध करवाने पर जोर देगी। बाइजू का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार करने की योजना है। कंपनी टेक्नोलॉजी के जरिए लर्निंग पर बड़े निवेश करती रहेगी।
बाइजू की शुरुआत 3 साल पहले 2015 में हुई थी। यह ऐप के जरिए तीसरी से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को एजुकेशन सर्विस देती है। इससे 3 करोड़ छात्र जुड़े हुए हैं। इनमें से 20 लाख ने सालाना पेड सब्सक्रिप्शन ले रखा है।
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