सीमा पर मुंहतोड़ जवाब मिलने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. वो लगातार सीमा पार से सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा है. बुधवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने फिर लगातार दूसरे दिन जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर अंधाधुंध गोलीबारी की और अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया.
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2018 में अक्टूबर के आखिर तक पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन की करीब 1600 घटनाएं हो चुकी हैं, जो अब तक किसी भी साल में हुई सीजफायर की घटनाओं में सबसे ज्यादा है. अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले के दिगवार सेक्टर में अग्रिम चौकियों पर बुधवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार दागे और छोटे हथियारों से गोलीबारी की.
वहीं, भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान को उसकी करतूत का मुंहतोड़ जवाब दिया. फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. मंगलवार को भी पाकिस्तानी सैनिकों ने इसी जिले में खारी करमारा और गुलपुर क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. अधिकारियों ने बताया कि साल 2003 में हुए संघर्षविराम समझौते का पालन करने और संयम बरतने का बार-बार आह्वान किए जाने के बावजूद पिछले साल अक्टूबर तक नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बिना उकसावे की गोलीबारी की 1591 घटनाएं हुईं.
इससे पहले नए साल पर पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के गुलपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के नजदीक गोलीबारी की थी और भारतीय चौकियों को निशाना बनाया था. मंगलवार देर रात की गई इस गोलीबारी का भारतीय सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था. एक तरफ जहां पूरी दुनिया नए साल के जश्न में डूबी थी, वहीं पाकिस्तान की इस गोलीबारी के कारण पुंछ सेक्टर के गांव के लोग छिपकर अपने घरों से कैद हो गए थे. वहीं, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को नियंत्रण रेखा पर बाघ सेक्टर में एक भारतीय जासूसी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया.
पिछले कुछ महीनों से BSNL देश में अलग-अलग जगहों पर अपने 4G सर्विसेज की टेस्टिंग कर रही है. फिलहाल BSNL के 4G यूजर बेस की संख्या काफी सीमित है. कमर्शियल लॉन्चिंग की बात करें तो इसकी लॉन्चिंग 2019 की पहली छमाही में हो सकती है.
रिसर्चर ने कहा है कि अगर आप फेसबुक ऐप के लिए लोकेशन ऑफ कर लेते हैं फिर भी हर संभावित तरीके से फेसबुक आपकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश में लगा रहता है. रिसर्चर ने कहा ऐसा इसलिए है क्योंकि फेसबुक का मॉडल विज्ञापन बेस्ड है और वो इसके लिए यूजर की प्राइवेसी को भी दांव पर लगा सकता है. ऐसा हाल के कुछ लीक और डेटा ब्रीच में भी पाया गया है.
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफोर्निया के कंप्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर ऐलेक्जेंड्रा कोरोलोओ ने मीडियम पर इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है. यहां बताया गया है कि कैसे फेसबुक उनके लोकेशन पर आधारित टार्गेटेड विज्ञापन देता है, जबकि उन्होंने न तो प्रोफाइल में अपनी लोकेशन डीटेल्स डाली है और न ही लोकेशन ऑन किया है. इतना ही नहीं उन्होंने हर तरह संभव प्रयास किए जिससे लोकेशन शेयर न हो.
कोरोलोवा का कहना है कि उन्होंने फेसबुक ऐप में लोकेशन हिस्ट्री भी ऑफ कर लिया था और iOS की सेटिंग्स में भी उन्होने फेसबुक के लिए लोकेशन ऐक्सेस को डिसेबल कर लिया था. इसके अलावा उन्होंने ने अपने शहर और किसी भी तरह के लोकेशन टैग्ड फोटो और कॉन्टेंट फेसबुक प्रोफाइल पर नहीं अपलोड किया. इसे बावजूद लगातार उन्हें उनके घर और दफ्तर के लोकेशन के आधार पर विज्ञापन दिए गए. कोरोलोवा के मुताबिक फेसबुक पर दिया गया लोकेशन कंट्रोल एक भ्रम है और ये असल में ये कंट्रोल है ही नहीं.
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